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शरीर के इस अंग का क्या काम होता है What is the use of this body part ?

शरीर के जितने भी अंग है उनका इस्तेमाल तो आप जानते ही हो, पर आप के शरीर के कई ऐसे भी अंग है जो आप के पास किसलिए है आप को किसी ने नहीं बताया होगा ।

१- 

आप के आंखो के कोने में मौजूद इस छोटे से चीज पर आपने कभी गौर किया है की इसका क्या काम है, ये आप को किस लिए मिला है, इसी काम नाम (plica semilunaris) पलिका सेमिलनरिस  है ज्यादातर लोग इसपे ध्यान ही नहीं देते यानी  ये यूजलेस पार्ट है। लेकीन ये आपके सबसे जरूरी अंगो में से एक है। जो दिन भर की धुल और गंदगी आखो में जमा होती है। उसी गंदगी को इकठ्ठा कर के निकालता है। जब 







रात में सोने के बाद सुबह कोने में जो मैल इकठ्ठा हुआ रहता है उसे यही  पलिका सेमिलनरिस ही निकलता है ।

२- 

भौहें (eye brows) इसका काम भी देखा जाय तो कुछ भी नहीं लेकिन इसका काम बारिस का पानी आखो में घुसने से रोकती है। इसका बनावट कुछ ऐसी होती है जब बारिस का पानी ऊपर से आता है तो उस पानी को साइड से हो कर निकाल देता है। और आप के आखो में वह बारिस का पानी नहीं घुसता सिर्फ इतना ही नहीं जब आप को पसीना होता है तब भी भौहे उस पसीने को साइड से किनारे कर देता है और आप के आखों में नहीं जाने देता है | आपके पसीने में नमक  जाये तो आखो को काफी नुकसान हो सकता है इस लिए हमारे चेहरे पर भौहे बनाया ताकि आखों की सुरक्षा हो सके ।

३- 

तुंगिका (tragus) ऐसा माना जाता है की आप के कान का ये अंग किसी काम का नहीं है। पर यह भी अंग बड़ी काम का है। असल में इसका काम आवाज कहाँ से आ रही है ये जानने में मदद करता है। अगर आवाज सामने से आ रही है तो कान के पर्दे और आवाज के के बिच में ब्रेकर का काम करता है और आवाज को कान के पर्दे तक पहुंचने में समय लगता है। जब की आवाज पीछे से आती है तो सीधा कान के पर्दे से जा के टकराती है इसी अंतर को हमारा दिमाग पहचान कर तय करता है की आवाज कहाँ से आ रही है अगर यह नहीं होता तो आपको पता नहीं चलता की आवाज आगे से आ रही या पीछे से।

४- 

अलिजिह्वा (Uvula) -- आप के मुँह के अंदर लटकती हुई इस अंग अलीजिह्वा  कहते है। असल में आपके शरीर के अंदर के काम-काज के लिए बहुत जरूरी अंग है 

ये हवा के द्वारा के अंदर आने वाले बाहरी संक्रमण को रोकता है ।

और साथ ही गले में स्लाइवा(लार) की कमी होने पर दिमाग को संकेत देता है की आपका गला सुख रहा है जिससे गले में लार की पूर्ति होती जीभ के निचे बनी लार ग्रंथि से  होती है


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